


वंचित परिवारों के दिव्यांग बच्चों का सहयोग – आशा है (Asha Hai)
भारत में सेरेब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy) और ऑटिज़्म (Autism) एक गंभीर चुनौती बने हुए हैं, विशेषकर वंचित परिवारों के लिए, जिन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधाएँ प्राप्त करने में कठिनाई होती है।अनेक माता-पिता आर्थिक एवं व्यावहारिक (Logistical) बाधाओं के कारण अपने बच्चों को आवश्यक विशेष उपचार एवं थेरेपी उपलब्ध कराने में असमर्थ होते हैं।यह स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब परिवारों की आर्थिक स्थिति अनुकूल नहीं होती, जिससे ऐसे बच्चे समाज में हाशिए पर आकर अलग-थलग पड़ जाते हैं।
इस आवश्यकता को समझते हुए, शुभम हाउसिंग फाइनेंस ने पिछले 5 वर्षों से अधिक समय से आशा है (Asha Hai) के साथ साझेदारी की है।आशा है के माध्यम से शुभम हाउसिंग फाइनेंस विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की मानसिक क्षमताओं के विकास हेतु उनके विकासात्मक/इंटरवेंशन थेरेपी का खर्च वहन करता है।शुभम हाउसिंग फाइनेंस के इस हस्तक्षेप से इन बच्चों की सामाजिक एवं भावनात्मक क्षमताओं में सुधार हो रहा है, जिससे वे समाज में योगदान देने में सक्षम बन रहे हैं।इन विकासात्मक थेरेपी में व्यवहार थेरेपी (Behavior Therapy), संगीत थेरेपी (Music Therapy), स्पीच थेरेपी (Speech Therapy), मनोचिकित्सा (Psychotherapy), व्यावसायिक थेरेपी (Occupational Therapy) तथा विशेष रूप से तैयार किए गए शिक्षा कार्यक्रम शामिल हैं।















